Friday, January 30, 2009

Uncompulsive desire

दे को ऐसी आरजू जिंदगी
ना मिले तो भी मिल जाए हमको खुशी
टूटे सपनो पे भी कोई आँसू ना गिरे
दिल और जान से हम चले
....
फ़िर ना कोई डर होगा इन आखो में
ना होगी शिकन मेरी बातो में
मन से जिंदगी का हर गीत गायेंगे
हार हो या जीत मुस्कुराएंगे

होता नही पर ऐसा कभी
मिलते है यहाँ गम भी
शीशे चुब्ते रहते है सेने में
बहते है कुछ आँसू आखो से
रहते है कुछ शिकवे बातो में
और कुछ कच्चे खाब यादो में
कल की हुकूमत से डर जाते है
हम घबराते है... डर जाते है

शीशे पैरो में चुब के जख्म दे
पर दिल को खुदा मेरे बख्श दे
कोई तोह दुआ मेरी कबूल हो
इसका भी इस जहा में उसूल हो
..




2 comments:

Scout said...

too cool man..
i am your ofiicial fan from now on..lol

sonal said...

hmmm......gud dear