ना मिले तो भी मिल जाए हमको खुशी
टूटे सपनो पे भी कोई आँसू ना गिरे
दिल और जान से हम चले
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फ़िर ना कोई डर होगा इन आखो में
ना होगी शिकन मेरी बातो में
मन से जिंदगी का हर गीत गायेंगे
हार हो या जीत मुस्कुराएंगे
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होता नही पर ऐसा कभी
मिलते है यहाँ गम भी
शीशे चुब्ते रहते है सेने में
बहते है कुछ आँसू आखो से
रहते है कुछ शिकवे बातो में
और कुछ कच्चे खाब यादो में
कल की हुकूमत से डर जाते है
हम घबराते है... डर जाते है
शीशे पैरो में चुब के जख्म दे
पर दिल को ऐ खुदा मेरे बख्श दे
कोई तोह दुआ मेरी कबूल हो
इसका भी इस जहा में उसूल हो
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